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निशुल्क वर्कशॉप में 200 स्टूडेंट्स ने लिया हिस्सा
देश के नामी आर्टिस्ट स्टूडेंट्स से हो रहे रु-बू-रु
इंदौर. हर व्यक्ति में एक आर्टिस्ट छुपा है, महिलाएं आइब्रो बनाती है, लिपस्टिक लगती है वो भी कला है और हम अपने लिए कपड़े बनवाते है या सेकड़ो चश्मे के फ्रेम में से एक फ्रेम अपने चहरे के अनुरूप चुनते है ये भी एक कला ही है। आर्टिस्ट आप हम सभी है कोई अलग नही बस जरूरी है अर्टिस्ट का जिज्ञासू होना।
यह बात देश के नामी आर्टिस्ट और कोची बिन्नाले फाउंडेशन के प्रसिडेंट बोस कृष्णामचारी ने 200 डीसाइनिंग स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कही। बोस शनिवार को आई आई आई डी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। बोस ने इस मौके पे आई आई आई डी के “डीसाइन यगणा” सिरिस का उद्घाटन किया जिसका विषय “डेफिनिंग डिज़ाइन थीम” था।
हमारी पसंद ही हमारे लिए डिज़ाइन है
आयोजन खासतौर पे आर्किटेक्ट और डिज़ाइन स्टूडेंट्स के लिए निशुल्क रखा गया था जिसमे आई आई आई डी प्रेसिडेंट इलेक्ट आर्किटेक्ट जबीन एल जाचरियास ने स्टूडेंट्स को अलग-अलग टास्क देते हुए कई एक्टिविटी करवाई। पहले राउंड में डिज़ाइन क्या है पूछा गया जिसमें 6 ग्रुप्स ने अलग अलग जवाब दिए।
कुछ ने कहा मुझे डॉट्स पसन्द है तो मेरे लिए डॉट्स है डिज़ाइन है, कुछ न कहा में बोल्ड हु इस लिए मेरे डिज़ाइन भी बोल्ड है। दूसरे राउंड में होटल लॉबी का टास्क देते हुए कहा ट्रेडिशन कल्चर कब कहाँ और कैसे डिज़ाइन किया जाये। एक ही डिज़ाइन का टास्क दे कर ग्रुप डिस्कशन के जरिये नई डिज़ाइन ढूंढने को कहा जिसमे उन्हें क्लाइंट की पसंद, मूड, बजट आदि का ध्यान रखने को कहा गया।
स्टूडेंट्स को करेंगे तैयार
आर्किटेक्ट जबीन एल जाचरियास ने बताया डिज़ाइन यात्रा में हमने आम लोगो तक डिज़ाइन को पहुचाया था उस मिशन के बाद अब इस साल हमारा टारगेट स्टूडेंट्स है क्युकी स्टूडेंट्स हमारे आने वाले कल के आर्टिस्ट है। डिज़ाइन यगणा में हम देश के 30 शहरो में एक साल में सैकड़ों स्टूडेंट्स को एक मंच पे लाएँगे और उनके नॉलेज को सही दिशा देने का काम करेंगे।
जबीन ने कहा स्टूडेंट्स कॉलेज में पड़ते है लेकिन यगणा में वे शरह में काम कर रहे आर्टिस्ट से अपने विचार सांझा करेंगे और असल जिंदगी में आने वाली मुश्किलो के लिए तैयार रहेंगे। अलग अलग राउंड्स में गेम खेलते हुए हम उन्हें तैयार करेंगे।
स्टूडेंट्स को बहुत प्रशन पूछना चाइये
बोस ने कहा स्टूडेंट बात नही करेंगे प्रशन नही पूछेंगे तो कभी भी अपने काम से संतुष्ट नही होंगे। उन्होंने कहा एक डिज़ाइनर जितना बात करेगा उतना वे अपने क्लाइंट को पहचानेगा और उतना लोग उसके काम को पसंद करेंगे।
बोस ने कहा स्टूडेंट्स का अपने विषय मे सामान्य ज्ञान भी बहुत अच्छा होना चाहिये जैसे देश के नामी कलाकार कोन है उनके कला क्या है। इनटरनेट के बजाय कलाकार के आर्ट को करीब से हाथ लग के महसूस करना चाइये।
विचारों को दी दिशा
आई आई आई डी के प्रेसिडेंट आर्टीटेक्ट परेश कापडे ने कहा डिज़ाइन यगना के अंतर्गत हमने शहर के चार डिजाइनिंग कॉलेज के करीब 200 बच्चों को आज की वर्कशॉप में आमंत्रित किया है वर्कशॉप का उद्देश्य ही स्टूडेंट्स के विचारों को दिशा देना है।


